Sunday, May 8, 2011

UP Police: पुलिस व किसान भिड़े, DM को लगी गोली, दो पुलिसकर्मी और किसान की मौत

नोएडा। ग्रेटर नोएडा में महीनेभर से जारी किसानों का आंदोलन शनिवार को हिंसक हो गया। इससे पहले शुक्रवार को किसानों ने रोडवेज के तीन कर्मचारियों को बंधक बना लिया था। शनिवार सुबह जब पुलिस इन कर्मचारियों को मुक्त कराने पहुंची तो किसानों ने पुलिस पर पथराव व फायरिंग कर दी।

इसमें गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी जख्मी हो गए। जबकि दो पुलिसकर्मियों को किसानों ने जमीन पर पटक-पटक कर मार डाला। इसके अलावा दो और पुलिसकर्मियों को अभी भी बंधक बनाया हुआ है। इस पूरी घटना में एसएसपी, सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ प्रथम ग्रेटर नोएडा सहित दर्जनभर पुलिस कर्मी घायल हुए हैं। सभी को ग्रेटर नोएडा के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

ग्रेटर नोएडा के भट्टा पारसौल इलाके में तीन महीने से धरने पर बैठे किसान यमुना एक्सप्रेस हाईवे के लिए जमीन अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं। वे अधिग्रहण के बदले उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। इससे पहले आंदोलित किसानों ने ताज एक्सपे्रस हाई-वे पर फार्मूला वन रेसिंग ट्रैक को खोदने की धमकी दी थी।

प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। इसके बावजूद किसानों ने रोडवेज सुपरवाइजर निरंजन दास, स्टेशन प्रभारी दुर्गेश भारद्वाज और चालक जितेन्द्र को बंधक बना लिया। बंधकों को छुड़ाने के लिए पुलिस के अलावा २६०० पीएसी जवान बुला लिए गए। सुबह प्रशासन ने बंधकों को मुक्त करने के लिए प्रस्ताव भेजा जिसे किसानों ने ठुकरा दिया।

किसान नेता मनवीर तेवतिया ने कहा, किसान सिर्फ मुख्यमंत्री से वार्ता करेंगे। दोपहर करीब १२ बजे एक बार फिर जिलाधिकारी दीपक अग्रवाल ने किसानों को मनाने का प्रयास किया पर वे नहीं माने। अंत में जिलाधिकारी ने गांव जाकर बंधकों को मुक्त कराने का फैसला लिया। प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस को देखते ही किसान उग्र हो गए। पुलिस प्रशासन पर फायङ्क्षरग शुरू कर दी।

मृतक सिपहियों के परिजनों को 5 लाख मुआवजा

ग्रेटर नोएडा में किसानों से हिंसक झड़प में मारे गए दो पुलिस कर्मियों के परिजनों को मुख्यमंत्री मायावती ने ५-५ लाख रुपए मुआवजा देने का ऐलान किया है। साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। भट्टा पारसौल गांव में बंधक रोडवेज कर्मचारियों को मुक्त कराने पहुंची पुलिस और किसानों के बीच हुई फायरिंग में सिपाही मनोहर सिंह और मनवीर सिंह की मौत हो गई। इसकी पुष्टि एडीजी बृजलाल ने की है।

तेवतिया की सूचना देने वाले को 50 हजार का इनाम

किसान नेता मानवीर तेवतिया पर प्रदेश सरकार ने 50 हजार इनाम की घोषणा की है। तेवतिया इस समय फरार बताया जाता है।

बयान

सरकार ने अपनी आदत के मुताबिक संवेदनहीनता का परिचय दिया तथा किसानों की जायज मांगों को अनसुना कर दिया। यमुना एक्सप्रेस वे के लिए कम मूल्य पर ज्यादा भूमि का अधिग्रहण तथा किसानों के हितों को अनदेखा करने के कारण ही किसान उत्तेजित हुए।
सूर्य प्रताप शाही (यूपी भाजपा अध्यक्ष)

मुख्यमंत्री अपने निजी स्वार्थ के लिए व जेपी समूह को लाभ पहुंचाने के लिए किसानों की भूमि का जबरन अधिग्रहण कर रही है। डीएम को गोली लगने व दो पुलिस जवानों की मौत की जांच होनी चाहिए। किसान कभी भी किसी पर हमला नहीं करता है।
अखिलेश यादव (सपा के प्रदेश अध्यक्ष)

इस समूचे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। प्रदेश सरकार मगरूर तरीके से किसानों को बर्बाद करने में जुटी है। किसानों की उपजाऊ जमीनों को हड़पने की कार्रवाई तत्काल रोकी जाए।
डा. गिरीश (भाकपा केराज्य सचिव)

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