Sunday, January 15, 2012

HR Police: मातनहेल में बनेगा हरियाणा पुलिस कॉलेज, सीएम ने किया एलान..

मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने रविवार को मातनहेल दौरे के दौरान घोषणा करते हुए कहा कि मातनहेल में सरकार की ओर से पुलिस कॉलेज की स्थापना की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस कालेज में पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण व स्किल डेवलेपमेंट किया जाएगा, ताकि वे बदलते दौर में परिपक्व बने रहे। ग्रामीण जनसभा में मुख्यमंत्री श्री हुड्डा ने कहा कि इनेलो सरकार के कार्यकाल में मातनहेल क्षेत्र में मिल्ट्री स्कूल का शिलान्यास पत्थर रख क्षेत्र के लोगों के साथ छलावा किया गया था, जबकि वास्तविक स्थिति शून्य थी। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों के मान-सम्मान के लिए मौजूदा सरकार ने पुलिस कॉलेज खोलने का फैसला लिया है।

Punjab Police: Amritsar: विधानसभा चुनाव से परेशान पुलिसकर्मी, रोज हो रही है नए आदेशों की बारिश...

विधानसभा चुनाव की तैयारियों में पुलिस पूरी तरह से जुटी है। रविवार को छुट्टी और बरसात होने के बावजूद पुलिस कमिश्नर आरपी मित्तल और अन्य पुलिस अधिकारी अपने कार्यालयों में बैठे और चुनाव संबंधी कामकाज किया। इसके अलावा देर रात तक पुलिस कमिश्नर अपनी रिहायश जीओ मेस में भी पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक करते रहे। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर रोजाना ही चंडीगढ़ से पुलिस को नए-नए आदेश जारी हो रहे हैं। इन आदेशों का पालन करवाने के लिए पुलिस कमिश्नर आरपी मित्तल अपने अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। पुलिस अधिकारियों और पुलिस कर्मियों की छुट्टियां रद कर दी गई हैं। रविवार को छुट्टी का दिन होने के बावजूद पुलिस विभाग के सभी कार्यालय खुले और चुनावी कामकाज हुआ। चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए नए आदेशों को एडीजीपी चुनाव ने पुलिस कमिश्नर को भेजा। इस आदेश में कहा गया है कि जिले की पूरी पुलिस फोर्स को चुनावी ड्यूटी में लगाया जाए। विभिन्न कोर्सो पर गए सभी पुलिस कर्मियों को चुनावी ड्यूटी के लिए वापस बुला लिया जाए। बिना गृह विभाग की मंजूरी के पुलिस अधिकारियों और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ लगाए गए पुलिस कर्मियों को वापस बुला लिया जाए। चुनावों में गड़बड़ी फैलाने की आशंका को लेकर हिस्ट्रीशीटरों की सूची तैयार करके उनकी गिरफ्तारी की जाए। गिरफ्तार किए गए हिस्ट्रीशीटरों की सूचना रोजाना चंडीगढ़, पंजाब सूचना अधिकारी और पुलिस कमिश्नर कार्यालय को दी जाए। रविवार को जिस तरह से महानगर में बरसात हुई, ऐसी ही बरसात अगर चुनाव के दिन में हुई तो पुलिस, अ‌र्द्धसैनिक बलों और चुनावी अमले को परेशानी हो सकती है, इसलिए जिला पुलिस को आदेश दिया गया है कि जो भी गाड़ियां पुलिस विभाग द्वारा पंजाब पुलिस के कमांडो, रिजर्व पुलिस बल और अ‌र्द्धसैनिक बलों को मुहैया की गई हैं, मौसम की खराबी के चलते उन पर तिरपाल आदि का भी प्रबंध जिला पुलिस ही करे। चुनावी ड्यूटी के लिए मंगवाई गई दूसरे शहरों, पीएपी, आईआरबी, कमांडो और अ‌र्द्धसैनिक बलों को किसी भी अधिकारी के साथ गनमैन के तौर पर न लगाया जाए। पुलिस कमिश्नर आरपी मित्तल का कहना है कि वह चुनाव आयोग और पंजाब पुलिस हेडक्वार्टर से जारी होने वाले चुनाव संबंधी आदेशों को लगातार अपने अधिकारियों और पुलिस कर्मचारियों को अवगत करवा रहे हैं। चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न करवाने के लिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक का दौर जारी है।

Police Policy: पंजाब पुलिस महानिदेशक का कहना है - जरूरत पुलिस का चेहरा बदलने की है।...

निश्चित रूप से पुलिस के प्रशिक्षण के तौर-तरीकों तथा उसके पाठ्यक्रम को आधुनिक और समय की मांग के अनुरूप बनाए जाने की आवश्यकता है। पुलिस महानिदेशक ने गत दिवस इसी बात पर बल देते हुए कहा है कि पुलिस को वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने पुलिस प्रशिक्षण सलाहकार कौंसिल की बैठक को संबोधित करते हुए चर्चित आपराधिक मामलों को प्रशिक्षण के पाठ्यक्रम में शामिल करने की बात भी कही। इसमें संदेह नहीं कि भारतीय विशेष रूप से पंजाब की पुलिस की जांच-पड़ताल का तरीका आज भी सदियों पुराना है जबकि अपराधी अपराध के रोज नए तरीके ईजाद कर रहे हैं। यही कारण है कि अपराधों में पुलिस की स्थिति डाल-डाल और अपराधियों की स्थिति पात-पात वाली है। सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि पुलिस के पास संख्या बल कम है और ऐसा संभव भी नहीं है कि हर व्यक्ति की सुरक्षा के लिए एक सुरक्षाकर्मी तैनात किया जाए। ऐसी स्थिति में आवश्यकता इस बात की है कि अपराध रोकने में जनता पुलिस की मदद करे। यदि आम नागरिक पुलिस की सहायता करने लगे तो कदाचित पुलिस की आधी समस्या का समाधान स्वत: ही हो जाए, किंतु दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि आम आदमी पुलिस के पास जाने से भी कतराता है। इसका कारण है पुलिस का वह चेहरा जो जाने-अनजाने में बन गया है, अथवा यह कहा जाए कि अंग्रेजों द्वारा बनाया गया है। पुलिस आज भी अंग्रेजों के बनाए उसी चेहरे में दिखाई देती है क्योंकि उसने न तो अपने काम का तरीका बदला है और न ही अपना चरित्र। जरूरत पुलिस का चेहरा बदलने की है। यह दुखद है कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को यह बात दिखाई नहीं देती है। पुलिस का प्रशिक्षण ऐसा होना चाहिए जिससे उसका चरित्र अधिक मानवीय हो सके। वर्तमान में लोग पुलिस को अपना मित्र नहीं समझते हैं अत: उस पर विश्वास भी नहीं करते हैं। आवश्यकता इस बात की है कि लोग पुलिस पर विश्वास करें और उसके काम में मदद करना अपना दायित्व नहीं अपितु अधिकार मानें। प्रशिक्षण में भौतिक से अधिक मनोवैज्ञानिक पहलुओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए तभी प्रशिक्षण पूरा होगा और अपराध मुक्त समाज का निर्माण किया जा सकेगा।

Punjab Police: Ambala: अंबाला जिला पुलिस का सदर पुलिस थाने में पुलिस-पब्लिक सम्मेलन...

अंबाला : जिला पुलिस की ओर से 16 जनवरी को प्रात: 10 बजे शहर स्थित सदर पुलिस थाने में पुलिस-पब्लिक सम्मेलन किया जाएगा। इस सम्मेलन के मुख्य अतिथि पुलिस आयुक्त एके ढुल होंगे। सदर थाना प्रभारी भरत सिंह ने बताया कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य लोगों की समस्याओं को सुनना और उनका हर संभव समाधान करना है। इसके अतिरिक्त अपराध को रोकने में आम आदमी के सहयोग को सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि लोगों को यातायात नियमों के प्रति आवश्यक जानकारी देने के साथ-साथ बच्चों को स्कूल भेजते समय स्कूल वाहनों द्वारा अपनाए जा रहे आवश्यक मापदंडों पर नजर रखने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। इस सम्मेलन में उपरोक्त विषयों के अतिरिक्त भी कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी।

Police Festivals: Makar Sakrant: Happy Makar Sakrant, Pongal, Bihu..

wishing you all a very happy Makar Sakrant, Pongal, Bihu..
आप सभी को मकर संक्रांति, पोंगल, बीहू और नए वर्ष पर शुभकामनाएं.. POLICE NEWS.

Friday, January 13, 2012

Delhi Police: कालकाजी थाने में तैनात एक लेडी कॉन्स्टेबल ने अपने एसएचओ ब्रह्मपाल राणा पर छेड़छाड़ का इल्जाम लगाया..

साउथ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के कालकाजी थाने में तैनात एक लेडी कॉन्स्टेबल ने अपने एसएचओ ब्रह्मपाल राणा पर छेड़छाड़ का इल्जाम लगाया है। उसने इस बारे में अपनी अडिशनल डीसीपी मेघना यादव के सामने जाकर आपबीती सुनाई और लिखित कंप्लेंट दी। पुलिस कमिश्नर ने विजिलेंस जांच के निर्देश दिए हैं। यह घटना सोमवार रात कालकाजी पुलिस स्टेशन में हुई। कालकाजी थाने में तैनात नवनियुक्त लेडी कॉन्स्टेबल रात में ड्यूटी पर थी। एसएचओ राणा अपने रेस्ट रूम में थे। लेडी कॉन्स्टेबल के मुताबिक , एसएचओ ने उसे बहाने से अंदर बुलाया और छेड़छाड़ की। किसी तरह बचकर वह बाहर निकली। पुलिस सूत्रों के मुताबिक , वह बदहवास हालत में बाहर आई थी। अगले दिन वह अडिशनल डीसीपी ( साउथ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट ) मेघना यादव से मिली। लेडी कॉन्स्टेबल ने अडिशनल डीसीपी के सामने इस घटना के बारे में बताया। मेघना यादव ने लेडी कॉन्स्टेबल से लिखित कंप्लेंट देने के लिए कहा। कंप्लेंट मिलते ही अडिशनल डीसीपी ने लेडी कॉन्स्टेबल का ट्रांसफर कालकाजी पुलिस स्टेशन से साउथ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के दूसरे थाने में कर दिया। लड़की ने तुरंत दूसरे थाने में जॉइन भी कर लिया।
अडिशनल पुलिस कमिश्नर ( साउथ ईस्ट ) अजय चौधरी ने लेडी कॉन्स्टेबल की कंप्लेंट पुलिस कमिश्नर बी . के . गुप्ता और सदर्न रेंज के जॉइंट पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक को भेज दी। यह कंप्लेंट पुलिस हेडक्वॉर्टर में बुधवार शाम पहुंची। पुलिस मुख्यालय के विश्वस्त अधिकारियों के मुताबिक , पुलिस कमिश्नर ने जॉइंट कमिश्नर अमूल्य पटनायक से भी घटना की जानकारी ली। कंप्लेंट की गंभीरता और वर्कप्लेस पर महिलाओं को यौन उत्पीड़न से बचाने के बारे में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मद्देनजर इस कंप्लेंट की जांच विजिलेंस से कराने का फैसला किया गया है। साउथ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट में इस घटना की जबर्दस्त चर्चा है। अडिशनल कमिश्नर अजय चौधरी ने बताया कि इस कंप्लेंट की जांच मेघना यादव की देखरेख में डिस्ट्रिक्ट विजिलेंस से कराई जाएगी। एसएचओ ब्रह्मपाल राणा 1982 में दिल्ली पुलिस में भर्ती हुए थे , जबकि शिकायतकर्ता लेडी कॉन्स्टेबल नवनियुक्त है। राणा कालकाजी में पौने तीन साल से एसएचओ हैं। इससे पहले वह ओखला , वसंत विहार आदि थानों में भी एसएचओ रह चुके हैं।

MP Police: Gwaliar: अपने ही पुलिस इंस्पेक्टर को ढूंढ नहीं रही मप्र पुलिस, अब हाईकोर्ट ने लगाई फटकार...

ग्वालियर। हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने प्रदेश के गृह विभाग, चंबल रेंज पुलिस, और धौलपुर देहात थाने के टीआई को आदेश दिया है कि वह विदिशा में पदस्थ भोपाल निवासी लापता एसआई नरेंद्र सिंह बैस को खोजकर दो सप्ताह में न्यायालय के समक्ष पेश करें। न्यायमूर्ति एसके गंगेले और न्यायमूर्ति गिर्राज दास सक्सेना की युगलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 23 जनवरी को तय की गई है।
लापता एसआई की बेटी नेहा बेस की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (हेवियस कॉरपस) पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने प्रदेश के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव और आईजी चंबल रेंज डा. एस डब्ल्यू नकवी और धौलपुर देहात थाना टीआई से जबाव तलब किया है। उल्लेखनीय है कि पूर्व सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने एसआई की खोज के लिए विशेष अभियान चलाने और प्रतिदिन रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए थे। उल्लेखनीय है कि अगस्त माह में आगरा से वाहन चोर को पकड़कर लाते समय ट्रक चंबल पुल से नदी में गिर जाने के बाद से एसआई नरेंद्रसिंह बैस गायब हैं।