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Wednesday, February 8, 2012
MP Police: Khandawa: बॉलीवुड गायक किशोर दा के खंडवा का बुरा हाल, बिना थाना प्रभारी के पांच थाने, एक साल से डीएसपी नहीं..
जिले में पुलिस अधिकारियों की कमी
राज्य शासन द्वारा बड़ी संख्या में थोक बंद पदोन्नाति एवं स्थानांतरण करने से जिले में पुलिस अधिकारियों की कमी हो गई है। निरीक्षक करणसिंह रावत व सखारामसिंह सैंगर को पदोन्नात कर उप पुलिस अधीक्षक बनाने से गणपति नाका पुलिस आरक्षी केंद्र व खकनार पुलिस आरक्षी केंद्र प्रभारी विहिन हो गए है। जिले में विशेष शाखा में पदस्थ निरीक्षक कैलाश चौहान को बड़वानी जिले में स्थानांतरित कर दिया गया है। तो उप निरीक्षक महेन्द्रसिंह भदौरीया को निरीक्षक पद पर पदोन्नत कर सीआईडी में भेज दिया है।
एक वर्ष से डीएसपी का पद रिक्त
जिले में उप पुलिस अधीक्षक का पद भी एक वर्ष से अधिक समय से खाली पड़ा है। जिला बने 9 वर्ष से अधिक का समय हो चुका है। परंतु अभी तक मात्र 2 डीएसपी बलदेवसिंह व रमेशसिंह चौहान की ही आमद हुई है। इसमें बलदेवसिंह 6 माह में व श्री चौहान 1 वर्ष में ही जिले से चले गए।
पाँच थाने प्रभारियों के भरोसे
जिले में निरीक्षकों की कमी के चलते 5 थाने प्रभारियों के भरोसे चल रहे है। लालबाग पुलिस आरक्षी केंद्र, गणपति नाका पुलिस आरक्षी केंद्र, खकनार आरक्षी पुलिस केंद्र, अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण पुलिस थाना तथा विशेष थाना उप निरीक्षकों के हवाले चल रहा है। निरीक्षकों की कमी से गत कुछ माह से लालबाग, अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण थाना तथा विशेष थाना उप निरीक्षकों के भरोसे चल रहा था। 2 निरीक्षकों की पदोन्नाति के बाद गणपति नाका व खकनार पुलिस आरक्षी केंद्र भी प्रभारियों के भरोसे आ गए है। हालांकि राज्य शासन ने 2 निरीक्षकों के स्थांतरण जिले में किए है। इनमें इंदौर से चंद्रभानसिंह व भोपाल से अजयसिंह बैस को भेजा गया हैं। परंतु इनकी आमद होना बाकी हैं।
MP Police: Burhanpur: जहां शांहजहां की मुमताज़ ने तोडा़ था दम, वहां पुलिस बल है कम..
तेजी से बढ़ते शहर में पर्याप्त यातायात पुलिस बल नहीं है। तीन दशक पूर्व शहर में शुरू हुए स्थानीय यातायात पुलिस थाने की स्थिति में अभी भी कोई विशेष बदलाव नहीं आया है, जबकि 3 अंतरप्रांतीय राज्य राजमार्ग शहर से लगकर गुजर रहे हैं। इन पर हर समय यातायात का भारी दबाव रहता है। इसका प्रभाव शहर की यातायात व्यवस्था पर भी पड़ता है। हाईवे-27 शहर के बीच से निकलता है। इस मार्ग पर शाहपुर फाटे से बसाड़ फाटे के बीच के 15 किमी लंबे हिस्से पर यातायात व्यवस्थित रखने के लिए यातायात पुलिस को मशक्कत करना पड़ती है।
सवा दो लाख आबादी पर 32 कर्मी
सवा दो लाख की जनसंख्या वाले शहर में व्यवस्थित यातायात संचालन के लिए स्थानीय यातायात थाने में सूबेदार, तीन उप निरीक्षक, 9 प्रधान आरक्षक व 33 आरक्षकों के पद स्वीकृत हैं। सूबेदार-उपनिरीक्षक का पद रिक्त है। इसके चलते यातायात थाने का कामकाज रक्षित निरीक्षक के भरोसे चल रहा है। पूरे शहर की यातायात व्यवस्था 1 आरआई, 1 सहायक उपनिरीक्षक, 7 प्रधान आरक्षकों व 23 आरक्षकों पर टिकी है।
MP Police: Nepanagar : क्या होगा 30 हजार के नगर का भगवान. जब हो देश की पहली और एकमात्र अखबारी कागज नगरी में सिर्फ एक ट्रैफिक जवान...
नेपानगर में एक, शाहपुर में कोई नहीं
शहर के साथ नेपानगर और शाहपुर के हाल भी बेकार हैं। 25 हजार की जनसंख्या वाले नेपानगर की यातायात व्यवस्था मात्र 1 यातायात पुलिस कर्मी के भरोसे है। जो हाल ही में बुरहानपुर से वहाँ पदस्थ हुए हैं। गत कई वर्षों से यातायात पुलिस का अभाव था। हालाँकि नेपानगर में यातायात व्यवस्था संभालने के लिए एक प्रधान आरक्षक, 2 आरक्षकों और 3 सैनिकों की पद स्वीकृत हैं। वहीं 20 हजार की जनसंख्या वाले शाहपुर में तो आज भी यातायात पुलिस नहीं है।
Haryana Police: Chhandigarh: हाईकोर्ट के सवालों की बौछारों से परेशान हो गए डीएसपी दिनेश कुमार, जाट आरक्षण आंदोलन में हिसार में दंगे व तोड़फोड़ को लेकर पुलिस जांच प्रणाली पर उठे सवाल..
चंडीगढ़ : जाट आरक्षण आंदोलन के चलते हिसार में हुए दंगे व तोड़फोड़ के मामले में दोषी लोगो के खिलाफ कार्रवाई करने की एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इस मामले में हरियाणा पुलिस द्वारा की जा रही जांच प्रणाली पर सवाल उठाए हैं। साथ ही कोर्ट रूम में मौजूद हिसार के डीएसपी मुख्यालय दिनेश कुमार से जांच बारे सवालों की बौछार की। हाईकोर्ट ने डीएसपी से जांच दल के सदस्यों के नाम पूछे तो डीएसपी दिनेश कुमार कोर्ट में इस बाबत स्पष्ट जवाब नही दे सके, जिस पर कोर्ट ने कहा कि इस मामले की जांच सही नही हो रही है पुलिस इस मामले में केवल कोर्ट की आंखो में धूल झोंक रही है।
बहस के दौरान सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल के अलावा अन्य विशेष पहचान दल बनाया हुआ है जो इस मामले की जांच कर रहा है। कोर्ट ने जब डीएसपी से पूछा कि इन जांच दल के सदस्य कौन है तो डीएसपी कोर्ट में जवाब नही दे पाए। कोर्ट ने जांच दल के सदस्यों की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि नियम के तहत जांच दल में एएसआइ से कम रैंक का अधिकारी शामिल नहीं हो सकता लेकिन इस जांच दल में तो सिपाही स्तर के कर्मचारी है। कोर्ट ने एक विशेष पहचान दल बनाने पर भी सवाल उठाए। कोर्ट ने इस मामले की जांच प्रणाली पर नाखुशी जाहिर करते हुए इस मामले से जुड़े जांच दल, जांच रिपोर्ट, चालान, एफआईआर के रिकार्ड के अलावा केस डायरी मामले की अगली सुनवाई तक कोर्ट में पेश करने का आदेश जारी किया।
UP Police: Assembly Election: हरदोई: 13 जिलों से पुलिस बल आयेगा, 103 कंपनी पैरा मिलेट्री फोर्स और 19 कंपनी पीएसी भी मतदान के दिन ....
जिले में 19 फरवरी को आठ विधानसभा क्षेत्रों में मतदान का कार्य शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए 13 जिलों से पुलिस बल आयेगा। इसके अलावा 103 कंपनी पैरा मिलेट्री फोर्स और 19 कंपनी पीएसी भी मतदान के दिन जिले की सुरक्षा व्यवस्था संभालेगी।
बताते चलें कि जनपद में कुल आठ विधानसभा क्षेत्र हैं और कुल 2749 पोलिंग बूथों पर 19 फरवरी को 25 लाख से अधिक मतदाता वोट डालेंगे। मतदान के दिन किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए भरपूर पुलिस बल की व्यवस्था की गयी है। पुलिस महकमे से जुड़े विश्वस्त सूत्रों की मानें तो जिले में 13 जनपदों से उपनिरीक्षक, मुख्य आरक्षी, सशस्त्र आरक्षी और निशस्त्र आरक्षी चुनाव कराने के लिए आयेंगे। वैसे भी निर्वाचन आयोग की ओर से सभी मतदान केंद्रों पर केंद्रीय अर्ध सैनिक सुरक्षा बलों की तैनाती करने के निर्देश दिये जा चुके हैं। शायद इसीलिए जिले में 103 कंपनी अर्धसैनिक सुरक्षा बल मतदान से पूर्व ही आ जायेगा। ध्यान रहे कि एक कंपनी अर्धसैनिक सुरक्षा बल चुनाव की घोषणा होने के कुछ ही दिनों बाद जिले में आ गया था। इसके अलावा 19 कंपनी पीएसी भी जनपद में मतदान के पूर्व ही आ जायेगी और मतदान की प्रक्रिया पूरी कराने के बाद वापस जायेगी।
आने वाले पुलिस कर्मी
हरदोई : चुनाव कराने के लिए मुरादाबाद से 103, आगरा से 102, अलीगढ़ से 64, जीआरपी लखनऊ से 45, जीआरपी आगरा से 40, बलिया से 40, गाजीपुर से 34 और मऊ से 26 उपनिरीक्षक आयेंगे। इसी तरह संत कबीरनगर से 16 मुख्य आरक्षियों के साथ ही गाजीपुर से 8, गोरखपुर से 65, बलिया से 15, सीतापुर से 79, जीआरपी आगरा से 45, आगरा से 24, अलीगढ़ से 40, जीआरपी लखनऊ से 45 मुख्य आरक्षी जनपद में आयेंगे। सशस्त्र पुलिस के 239 जवान संत कबीरनगर से, 220 मऊ से, 600 गाजीपुर से, 1000 गोरखपुर से, 700 से बलिया से, 649 देवरिया से और 220 जीआरपी आगरा से आयेंगे।
चुनाव कराने के लिए निशस्त्र आरक्षी भी गैर जनपदों से आ रहे हैं। मऊ से 291, गाजीपुर से 368, गोरखपुर से 257, बलिया से 300 और पीटीसी मेरठ से 558 निशस्त्र आरक्षी मतदान के दिन जिले की सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।
Haryana Police: Faridabad: सुरजकुंड मेले पुलिस बंदोबस्त हुआ सख्त, पुलिस अधिकारियों की हुई मॉक ड्रिल..
फरीदाबाद, जागरण संवाद केंद्र : सूरजकुंड मेले में तैनात सुरक्षा कर्मियों की तत्परता को जाचने के लिए बुधवार को दिन में पुलिस अधिकारियों ने केरल गेट के साथ पार्किग में मॉक ड्रिल की। इस दौरान संदिग्ध कार में बम मिलने की सूचना पर कुछ ही पलों में बम निरोधक दस्ते, डॉग स्कवैड, स्वाट टीम, फायर ब्रिगेड व एंबुलेंस मौके पर पहुंच गईं। सभी की टाइमिंग पर आला अधिकारियों ने संतुष्टि जताई।
दिन में साढ़े बारह बजे मेला कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि केरल गेट के पास पार्किग में संदिग्ध कार खड़ी है, जिसमें बम हो सकता है। सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ता, स्वाट टीम, फायर ब्रिगेड व एंबुलेंस मौके पर पहुंच गईं। दस्ते का नेतृत्व डीसीपी मुख्यालय नाजनीन भसीन व एसीपी सेंट्रल कुलदीप सिंह कर रहे थे। पार्किग में संबंधित कार के आसपास पुलिस ने रेत के बोरे लगा दिए और वहा से लोगों को दूर हटा दिया। बम निरोधक दस्ते ने नवीनतम उपकरणों की मदद से कुछ ही देर में कार को चेक करके बता दिया कि कार में ऐसी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं है। मौके पर मौजूद डीसीपी मुख्यालय नाजनीन भसीन व एसीपी कुलदीप सिंह ने बताया कि कवायद सभी टीमों की तत्परता जाचने के लिए की गई थी। उन्होंने बताया कि सभी टीमों की टाइमिंग सही थी और कुछ ही देर में बम निरोधक दस्ते ने कार की जाच कर क्लीयरेस दे दी थी।
Delhi Police: ज्वाइंट कमिश्नर (क्राइम) करेंगे कांस्टेबल को रेंगने की सजा देने मामले की जांच, दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस घटना पर पुलिस आयुक्त बी के गुप्ता से मांगा जवाब...
दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त (अपराध) संदीप गोयल एक आईपीएस अधिकारी की एक कांस्टेबल को रेंगने की सजा देने मामले की जांच करेंगे.
दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत सिंह ने यहां बताया कि सयुंक्त आयुक्त अदालत के निर्देशानुसार जारी करेंगे.
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (नयी दिल्ली) सेजू जी कुरूविला ने एक कांस्टेबल को ड्यूटी के दौरान फोन पर बतियाने पर कथित रूप से रेंगने के लिए मजबूर किया था. यह वाकया खूब सुर्खियों में रहा.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि गोयल घटना की जांच करेंगे और जरूरत महसूस होने पर वह संबंधित कांस्टेबल एवं कुरूविला के बयान भी लेंगे.
इसी बीच दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी इस घटना पर पुलिस आयुक्त बी के गुप्ता एवं कुरूविला से जवाब मांगा है.
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