Saturday, March 26, 2011

Police Workshop : मीडिया और सूचना क्रांति में उथल-पुथल पुलिस के लिए समस्या

पंचकूला:  प्रतिस्पर्धा ने पुलिस की चुनौतियों को पहले से भी ज्यादा बढ़ा और संवेदनशील बना दिया है साथ ही मीडिया और सूचना क्रांति में हो रही उथल-पुथल भी पुलिस  के लिए  एक समस्या बनी हुई है।  ऐसे में हमें और हमारी पुलिस को  पहले से भी ज्यादा मुस्तैद रहने की जरूरत है। द ट्रिब्यून समाचार पत्र के प्रधान संपादक श्री राज चेंगप्पा ने पुलिस लाइन पंचकुला में प्रतिकूल परिस्थितियों में मीडिया के साथ संबन्ध नामक विषय पर आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यशाला में  मु य अतिथि के तौर पर यह बात कही। हरियाणा के पुलिस महानिदेशक रंजीव सिंह दलाल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। पुलिस अधिकारियों की पहली कार्यशाला आज सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
23 से 25 मार्च तक चली यह कार्यशाला हरियाणा पुलिस अकादमी द्वारा  पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो तथा इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ  मॉस क युनिकेशन, नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित की गई थी । इस कार्यशाला में राज्य के 24 पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस सूचना तंत्र की जिस राह पर तेजी से आगे बढ़ रही है वो न केवल दूसरे राज्यों के लिए उदाहरण है बल्कि उसे देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस बनने की दिशा में एक अच्छा संकेत है।  उन्होंने कार्यशाला में प्रतिभागी पुलिस अधिकारियों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्रों का  उत्तर देते हुए कहा कि ये बात बिल्कुल सही है कि मीडिया कोई भी एकतरफा समाचार भेजने से पहले संबन्धित पुलिस अधिकारी या थाना ईचार्ज का पक्ष जरूर जानें। इसके लिए पुलिस व मीडिया के बीच सीधा संवाद और तालमेल बहुत जरूरी है। कार्यशाला में इंडियन इंस्टीच्यूट आफ मॉस क युनिकेशन, नई दिल्ली के प्रोफेसर श्री केएम श्रीवास्तव, अतिथि प्रवक्ता तथा आईटीबीपी के पूर्व महानिदेशक श्री गौतम कौल, एनडीटीवी के प्रतिनिधि श्री अरविंद उत्तम तथा हरियाणा पुलिस के गुप्तचर विभाग के महानिरीक्षक श्री राजबीर देशवाल ने मीडिया से जुड़े विषयों – मीडिया और पुलिस, सामान्य परिचय, समाचार की अवधारणा, प्रैसनोट लेखन, प्रैसवार्ता, पत्रकार स मेलन का आयोजन, प्रतिकूल परिस्थितियों में मीडिया से संवाद जैसे विषयों पर प्रतिभागियों को जानकारी प्रदान की तथा पुलिस अधिकारियों के अनुभवों को साझा किए।
साभार- jn exp.

JH Police : ट्रैफिक इंस्पेक्टर संग भागी महिमा चौधरी

जमशेदपुर ।। बॉलिवुड ऐक्ट्रेस महिमा चौधरी उस समय परेशान हो गईं जब उन्हें छेड़छाड़ करने वालों ने घेर लिया। भीड़ में घिरी महिमा के सुरक्षाकर्मी भी उन्हें बचाने की स्थिति में नहीं थे। आखिरकार उन्हें एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी से उसकी बाइक पर लिफ्ट लेकर वहां से निकलना पड़ा।

सुभाष घई की फिल्म ' परदेस ' से बॉलिवुड में ऐक्टिंग का करियर शुरू करने वाली महिमा बिष्टपुर के जुबली पार्क में आयोजित ' ग्रीन रन ' में हिस्सा लेने आई थीं। रन शुरू होने के बाद इसमें शामिल लोगों ने ही उनके साथ बदतमीजी शुरू कर दी। नतीजा यह हुआ कि महिमा मौके से भाग भी नहीं सकती थीं। आखिर कुछ मीडिया फोटोग्राफरों और सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स के एक अधिकारी की नजर उन पर पड़ी। ये लोग उनके बचाव में आगे आए। इन लोगों ने एक ट्रैफिक पुलिस इंस्पेक्टर दिलीप कुमार सिंह को सारी बात बताई और मदद करने का अनुरोध किया। आखिर इंस्पेक्टर सिंह महिमा को अपनी बाइक पर बैठाकर वहां से सुरक्षित निकाल ले गए।

इसंपेक्टर सिंह ने बताया, ' मैंने न तो उन्हें कभी देखा था और न ही मुझे यह पता था कि वह कौन हैं, लेकिन जब मुझे इस घटना के बारे पता चला तो मैं अपनी बाइक पर उन्हें वहां से ले आया। '


फिल्म एक्ट्रेस महिमा चौधरी को जमशेदपुर में मनचलों से बचने के लिए यातायात (ट्रैफिक) पुलिस के निरीक्षक (इंस्पेक्टर) से लिफ्ट लेनी पड़ी।
सुभाष घई की फिल्म परदेस में शाहरुख खान की नायिका के किरदार से अपने फिल्मी कॅरियर का सफर शुरू करने वाली महिमा शहर के बिश्टूपुर में जुबली पार्क के करीब एक प्रचार समारोह में आई थीं।
पुलिस ने बताया कि पर्याप्त सुरक्षा के अभाव में 37 साल की एक्ट्रेस घटनास्थल से निकल भी नहीं पाईं और ग्रीन रन में हिस्सा लेने वाले ही उनसे बदतमीजी करने वालों में से थे।
कुछ मीडिया फोटोग्राफरों और सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स के एक अधिकारी ने ट्रैफिक पुलिस इंस्पेक्टर दिलीप कुमार सिंह को बीच बचाव करने को कहा।
दिलीप ने कहा कि मैंने उन्हें पहले कभी नहीं देखा था और न ही जानता था कि वह कौन हैं, लेकिन घटना की जानकारी होने के बाद मैंने उन्हें अपनी बाइक पर छोड़ा।
साभार- नभाटा/ हिंदुस्तान

JK Police : 9,598 appointments made in police department in J&K


JAMMU: Jammu and Kashmir government on Saturday said that 9,598 appointments have been made in the state's police department in the last two years.

In a written reply to questions of Mehbooba Mufti (PDP), Ashok Khajuria (BJP), G M Saroori (Cong) and R S Sharma (NC) in the Assembly, Chief Minister Omar Abdullah said 9035 appointments were made through Police Recruitment Board (PRB).

47 appointments were made under compassionate grounds, 47 on-the-spot recruitment and 10 appointments made on court probes, he said.

Since 1998, 658 eligible candidates were selected as constables in J&K Police during recruitments drive, he said.

KN Police : Lokayukta police seeks legal opinion in complaint against BSY

Bangalore:
Lokayukta police today commenced the process of seeking legal opinion on a court's order directing it to investigate allegations of corruption in denotification of lands against Karnataka Chief Minister B S Yeddyurappa and others and said they expected a response by March 28.
"We are eliciting legal opinion from our legal cell on filing FIRs with regard to allegations in light of the Special Court order. We expect the response by Monday, after which we will decide the further course of action", Additional Director General of Police Lokayukta, Rupak Kumar Dutta said.
Lokyukta police were served the Special Court's order yesterday.
The court had directed Lokayukta police to complete the enquiry and submit a report by May 4 on one of five complaints by advocates Sirajin Bhasha and K N Balaraj,alleging that the Chief Minister indulged in irregularities in denotifying lands acquired by BDA to favour his family members. 
courtesy- IE 

JK Police: Be sport, avoid crackers: J-K police’s urge on Indo-Pak cricket match

As India-Pakistan’s upcoming cricket world cup face-off fever reaches its crescendo, the Jammu and Kashmir Police have urged people of Kashmir “to exhibit sportsmanship and avoid bursting crackers and creating ruckus, whoever wins the match.” The police ‘request’ came just days after Pakistan and Indian cricket teams’ supporters, including paramilitary security forces, set alight crackers across the city on their respective wins in quarterfinal games. There were reports of Pakistan cricket team supporters hurling crackers at security forces manning bunkers in the city, even in uptown areas like Galwanpora, Hyderpora and Nehru Park.
“There are Indian and Pakistani supporters in Srinagar, even Australia is being cheered at in downtown Srinagar. So what is the big deal? It’s just a match. Bursting crackers are not only unethical but also un-Islamic,” Srinagar’s north zone superintendent of police Showket Hussain told the Hindustan Times.
Hussain said there would be an inquiry if any security installation resorts to bursting of crackers after the match is over. “We are always alert for such occasions. This is nothing new to Kashmir,” said Hussain adding “enjoy the match in its real spirit and do not lose temper if India or Pakistan wins the game”.
There are very few takers of the police urge on the streets. Many firecracker wholesale dealers in downtown Srinagar have sold crackers in bulk to retailers. “I have procured my stock for the India-Pakistan match. I will rattle the skies,” said Akram Majid, a resident of downtown Srinagar, hesitant to disclose his loyalty.
courtesy- HT

Chandigarh Police issues advisory on Indo-Pak cricket match

CHANDIGARH: UT police has issued a detailed advisory containing do's and don'ts for members and managements of teams India and Pakistan to ICC and PCA authorities on Friday.

The advisory was issued by security wing of Chandigarh police and a copy of the advisory was also given to management of Hotel Taj Sector 17. Police sources said half a dozen routes from Hotel Taj Sector 17 to PCA stadium Mohali had been selected. One of these routes will finally be used.

SP (security) Hardeep Singh Doon said conditions of not leaving Hotel Taj-17 before prior information to cops at least four hours in advance, always being accompanied by security personnel, security checks and frisking were among specific points of the advisory.

He said in view of security perception, the specific route which would be used would be disclosed to staff members including bus drivers at the last moment. He said more than 1,000 police personnel led by DSP-rank officials had been deployed for security of both teams.

Police officers claimed if the do's and don'ts were violated, action would be recommended to ICC.

SP (security) HS Doon told TOI that recently, strict action was recommended against two players of cricket team of West Indies and members of the team management to ICC on March 10 as four of them violated the guidelines and left Hotel Taj Sector 17 without giving any prior information to police personnel deployed.

The Pakistan cricket team has arrived in the city and the team members were brought from Chandigarh airport to Hotel Taj Sector 17 under tight police security on Friday. 

courtesy- TOI 

Delhi Police/ Crime Branch : fake pilot case: फर्जी पायलट मामला, डीजीसीए का शीर्ष अधिकारी गिरफ्तार

नई दिल्ली। फर्जी पायलट मामले में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के सहायक निदेशक सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार डीजीसीए का सहायक निदेशक प्रदीप कुमार है जबकि अन्य गिरफ्तार तीन व्यक्ति दलाल बताए जाते हैं। ये एजेंटों पायलटों के फर्जी लाइसेंस जारी करवाते थे और मोटी रमक वसूलते थे।
चेन्नई से गिरफ्तार ललित के बारे में बताया गया है कि वह फर्जी मार्कशीट तैयार कर पायलटों को बेचता था। पुलिस को पहले से ही शक था कि यह गोरखधंधा डीजीसीए अफसरों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं था, सहायक निदेशक की गिरफ्तारी से सच साबित हो गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक नए चार लोगों की गिरफ्तारी के साथ ही अब तक छह लोगों को इस प्रकरण में गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के शक के घेरे में अब 40 चालीस लोग बताए जा रहे हैं। पुलिस ने ललित की गिरफ्तारी के साथ ही वह कम्प्यूटर और प्रोग्राम भी जब्त कर लिया है, जिनकी मदद से फर्जी मार्कशीट बनाई जाती थी।
गौरतलब है कि डीजीसीए ने गत गुरूवार को फर्जी तरीके से लाइसेंस प्राप्त करने के आरोप में 14 पायलटों के केरियर पर प्रतिबंध लगा दिया था। पिछले हफ्ते राजस्थान स्टेट फ्लाइंग स्कूल से कई पायलटों द्वारा फर्जी तरीके से लाइसेंस हासिल करने का मामला सामने आया था। निलंबित पायलटों ने जरूरी 200 फ्लाइंग आवर के प्रशिक्षण के बिना ही लाइसेंस हासिल कर लिए थे।
देश में फर्जी कागजात के आधार पर विमान उ़डाने का लाइसेंस हासिल करने वाले पायलटों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर मंगलवार को डीजीसीए ने धोखाध़डी करने वाले नौ अन्य पायलटों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी के साथ लाइसेंस लेने के लिए निर्धारित उ़डान पूरी नहीं करने के बावजूद पायलट का लाइसेंस प्राप्त करने वाले कैप्टन अनूप चौधरी एवं फस्र्ट फ्लाइंग ऑफिसर अमित मुद्रा को स्पाइस जेट ने तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है।
courtesy- khaskhabar.

DGCA to bring over 10,000 commercial pilot license holders under scanner

PTI, Mar 21, 2011, 10.16am IST
NEW DELHI: Aviation regulator DGCA plans to bring under the scanner over 10,000 commercial pilot license (CPL) holders and conduct third-party audit of all flying schools in the country in the wake of cases of forgery behind securing of licences coming to light.
As the forgery cases have given rise to fears that travellers' life is being endangered by incompetent pilots, the regulator is planning a slew of steps to check the malaise.