Wednesday, August 21, 2013

UP Police: Gaziabad: छापा मारने गए डीएसपी अमित नागर पर शराब माफिया का हमला, कई घायल. DSP Amit Naagar & other policemen injured during raid, when illigal bootleggers attacked police team.

गाजियाबाद : पिलखुआ इलाके में एक अवैध शराब की दुकान पर अपने दल के साथ छापामारी करने गये पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) पर हथियारों से लैस शराब तस्करों ने हमला कर दिया. पुलिस ने आज बताया कि कल रात हुए हमले में डीएसपी अमित नागर के सिर और हाथों में गंभीर चोटें आयी हैं. नागर के साथ गये एक आबकारी इंस्पेक्टर और तीन पुलिसकर्मी पर भी आरोपियों ने हमला किया. अतरौली गांव में राजेंद्र सिंह के स्वामित्व वाली किराने की दुकान से अवैध शराब बिक्री होने की सूचना मिलने के बाद आबकारी इंस्पेक्टर अजय यादव, एक आबकारी कांस्टेबल सहित तीन पुलिसकमी के साथ कल रात नागर दुकान पर छापा मारने के लिए गये. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब डीएसपी अपने दल के साथ छापामारी कर रहे थे उसी समय शराब तस्करों ने अचानक उनके दल पर हमला कर दिया. आरोपी ने नागर के सिर पर छड़ी और ईंटों से हमला किया. उन लोगों ने नागर के दल पर भी छड़ी और ईंटों से हमला किया. मौके से भागने के लिए आरोपियों ने वहां पर गोलीबारी भी की. नागर के अलावा इस हमले में आबकारी इंस्पेक्टर यादव और कांस्टेबल विपिन शर्मा घायल हो गये हैं. इस घटना के बाद पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार राघव घटनास्थल पर पहुंचे और नागर और उनके दल के सदस्यों को लेकर नजदीकी अस्पताल गये जहां पर उनका उपचार चल रहा है. जिले के चार पुलिस थाना के पुलिसकर्मियों को भारी संख्या में इलाके में तैनात कर दिया गया है. courtsy- prabhat khabar.

Bihar Police: Patna: बिहार पुलिस सेवा के 13 अधिकारी बनेंगें IPS, लेकिन देनी होगी लिखित परीक्षा. 13 officers of bihar police service will be promoted as officers of indian police service.

पटना: बिहार पुलिस सेवा के 13 अधिकारी इस वर्ष आइपीएस बनेंगे. इनकी नियुक्ति वर्ष 2011 की प्रोन्नति से भरी जानेवाली रिक्तियों के आधार पर होगी. इसके लिए संघ लोक सेवा आयोग में 23 अगस्त को बैठक होगी. राज्य सरकार ने 39 अधिकारियों के नामों का पैनल तीन माह पहले ही भेज दिया है. गत वर्ष हुआ था 36 का चयन प्रत्येक वर्ष प्रोन्नति कोटा से आइपीएस में नियुक्ति का प्रावधान है. वर्ष 2012 में तीन कैलेंडर वर्षो 2008, 09 व 10 के लिए 36 अधिकारियों की नियुक्ति हुई थी. 2011 के लिए गृह मंत्रलय व यूपीएससी ने 13 पद चिह्न्ति किये हैं. प्रावधान के अनुसार, एक पद के विरुद्ध तीन अधिकारियों का नाम पैनल में भेजा जाता है. इस तरह 13 पद के लिए 39 अधिकारियों के नाम भेजे गये है. अब देनी होगी लिखित परीक्षा केंद्र ने तय किया है कि वर्ष 2012 से राज्य सेवा कोटे से आइएएस, आइपीएस व आइएफएस में नियुक्ति लिखित परीक्षा के माध्यम से होगी. केंद्र ने यह भी तय किया था कि हर वर्ष 9-10 आइपीएस अधिकारी सीधी नियुक्ति से मिलेंगे. लेकिन, प्रत्येक वर्ष 20-25 अधिकारी सेवानिवृत्त होते हैं. इस तरह अधिकारियों की कमी लगातार बढ़ती जा रही है. courtsy- prabhat khabar.

CBI: पढ़िए, CBI की जुबानी, इशरत जहां एनकाउंटर की पूरी कहानी. what is the ishratjaha encounter case as per CBI.

नई दिल्ली। अहमदाबाद के इशरत जहां एनकाउंटर केस के नौ साल बाद सीबीआई ने बुधवार को कहा कि ये एनकाउंटर फर्जी था। गुजरात पुलिस ने आईबी की मिलीभगत से इसे अंजाम दिया था। सीबीआई ने इस मामले में अपनी पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है। सीबीआई के मुताबिक इशरत और उसके तीन साथियों को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया था। हत्या से पहले उन्हें बेहोशी की दवा दी गई थी और उनके पास मिले हथियार दरअसल आईबी ने मुहैया कराए थे। 15 जून 2004 को अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच सड़क पर इस एनकाउंटर को फिल्मी अंदाज में अंजाम दिया गया। मुंबई की 19 साल की इशरत जहां रजा को तीन लोगों के साथ मारकर उनके पास हथियार रख दिए गए और कह दिया गया कि ये मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को मारने की साजिश रचने वाले आतंकवादियों का एनकाउंटर था। 9 साल बाद सीबीआई ने मोदी सरकार के पुलिस अफसरों को कठघरे में खड़ा करने वाले इस सनसनीखेज केस में पहली चार्जशीट दाखिल कर अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की एनकाउंटर की कहानी की धज्जियां उड़ा दीं। हिरासत में थे सभी आरोपी सीबीआई की नजर में एनकाउंटर के दावे सरासर झूठे हैं क्योंकि मारे जाने से पहले खुद इशरत जहां, रजा, प्रणेश पिल्लई उर्फ जावेद गुलाम शेख, अमजद अली राणा और जीशान जौहर पुलिस की हिरासत में थे। सीबीआई का दावा है कि इस फर्जी एनकाउंटर को आईबी यानि खुफिया ब्यूरो और पुलिस की मिलीभगत से अंजाम दिया गया। इसके लिए बाकायदा चारों को मारने से पहले बेहोशी की दवा पिलाकर बेसुध कर दिया गया। सीबीआई के वकील शमशाद पठान ने कहा कि इशरत और जावेद को टोल बूथ से उठाया गया था। मामले की जांच अभी जारी है। अभी किसी को क्लीन चिट नहीं मिली है। अहमदाबाद के मेट्रो कोर्ट में दाखिल सीबीआई की चार्जशीट राज्य के आला पुलिस अफसरों पर संगीन इल्जाम लगाती है। मुठभेड़ से दिन पहले पकड़ लिया था चार्जशीट में साफ लिखा है कि इशरत जहां और जावेद को मुठभेड़ से तीन दिन पहले से ही पुलिस ने पकड़ रखा था। दोनों को आईबी और पुलिस क्राइम ब्रांच के एन के अमीन और तरुण बारोट ने वासद नाम की जगह से उठाया। दोनों को खोडीयार फॉर्म में रखा गया और दोनों से पुलिस के एडिश्नल डीजीपी और तत्कालीन क्राइम ब्रांच के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर पी पी पांडे और आईबी के स्पेशल ज्वाइंट डायरेक्टर राजिंदर कुमार ने पूछताछ की। अमजद तो 20 दिन से पुलिस कस्टडी में था जबकि जीशान को 6 हफ्ते पहले ही उठा लिया गया था। जीशान और अमजद को किसी दूसरे फॉर्म हाउस में रखा गया और सबको एक साथ एक ही जगह पर लाकर मारा गया। मारने के बाद तत्कालीन डीसीपी डी जी बंजारा के कहने पर सबके शव पर हथियार रखे गए। एसीपी खुद लेकर पहुंचे थे हथियार चार्जशीट के मुताबिक ये हथियार खुद आईबी के दफ्तर से लाए गए थे और तत्कालीन डीजीपी डीजी बंजारा के ही कहने पर तत्कालीन एसीपी जीएल सिंघल खुद 14 जून को हथियारों से भरा बैग लेकर खुफिया विभाग के दफ्तर से आए थे। सीबीआई ने 179 गवाहों से पूछताछ के आधार पर पहली चार्जशीट तैयार की है। इतना ही नहीं सीबीआई आईबी के दो अफसरों एम के सिन्हा और राजीव वानखेड़े की भूमिका की जांच कर रही है। चार्जशीट कहती है कि इशरत के साथ मारे गए तीनों लोग जरूर आतंकवादी थे लेकिन इशरत को लेकर हालात स्पष्ट नहीं हैं कि वो आतंकी थी या नहीं। इस फर्जी एनकाउंटर केस में कम से कम 7 पुलिस अफसरों की वर्दी पर दाग लगे हैं। चार्जशीट में एडीशनल डीजीपी पी पी पांडे के अलावा, तत्कालीन डीसीपी डी जी बंजारा, तत्कालीन एसीपी जी एल सिंघल, तत्कालीन एसीपी नरेंद्र अमीन, तत्कालीन पुलिस इंस्पेक्टर तरुण बारोट, जी जी परमार और कमांडो अनाजू चौधरी के खिलाफ हत्या, अपहरण और बंधक बनाकर रखने की संगीन धाराएं लगाई गई हैं। सुकून में हैं इशरत का परिवार जाहिर है 9 साल से अपनी बेटी की बेगुनाही के लिए लड़ रहे इशरत जहां के परिवार वाले इस चार्जशीट से सुकून में हैं, लेकिन अंगारे बुझे नहीं हैं। आरोप मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी तक उछल रहे हैं। इशरत की मां शमीमा कौसर कहती हैं कि 9 साल से मैं कहती आ रही हूं कि मेरी बेटी बेगुनाह है और आज कोर्ट ने ये साबित कर दिया। मेरी बेटी के चले जाने के बाद हमारे परिवार की सभी खुशियां चली गईं। जिसने भी उनको मारा है। उनका नाम चार्जशीट में आया है। लेकिन हम खुश नहीं हैं क्योंकि उन लोगों का भी नाम आना चाहिए जिन्होंने उसे मरवाया है। इशरत की बहन मुशर्रत कौसर कहती हैं कि हम मानते हैं कि मेरी बहन की हत्या की साजिश में नरेंद्र मोदी भी शामिल थे। चार्जशीट में नरेंद्र मोदी का नाम नहीं है, न ही उनके सिपहसालार और यूपी के चुनाव प्रभारी बनाए गए अमित शाह का। ये बात दीगर है कि जांच में सफेद दाढ़ी और काली दाढ़ी का भी जिक्र कई बार किया गया लेकिन ये साबित नहीं हो सका कि सफेद औऱ काली दाढ़ी वाले इंसान हैं कौन। साबित ये भी नहीं हो सका कि आखिर सूबे के आला पुलिस अफसर किसके इशारे पर एनकाउंटर में जुटे थे। क्या इसके पीछे कोई राजनीतिक साजिश थी। हालांकि, अब भी चर्चा है कि सीबीआई अगली चार्जशीट में गुजरात के पूर्व गृह राज्य मंत्री अमित शाह और आईबी के तत्कालीन स्पेशल डायरेक्टर राजेंद्र कुमार को आरोपी बना सकती है। फिलहाल, तो बीजेपी कांग्रेस पर आतंक की सियासत के इल्जाम मढ़ रही है और संघ भी राहत की सांस ले रहा है। आरएसएस विचारक एम जी वैद्य ने कहा कि कानून को अपना काम करना चाहिए। इसमें किसी मंत्री का नाम नहीं है। नेताओं की तरफ जो उंगली उठ रही थी उसे इस चार्जशीट ने झूठा करार दिया गया है। कांग्रेस ने दुष्प्रचार किया है। courtsy- in.com hindi

UP Police: उत्तरप्रदेश में पुलिस टीम पर हमला, गोलीबारी, 6 पुलिसकर्मी घायल. mob attacked on police party during raid.

जिले के जौथना थाना क्षेत्र के भरगैन कस्बे में गौकशी के वांछित आरोपियों के छिपे होने की सूचना पर मंगलवार देर शाम पुलिस जब छापा मारने पहुंची तो पुलिस टीम पर आरोपियों के करीबी लोगों ने हमला कर दिया। उनके द्वारा पुलिस पर पथराव किया गया और उनके वाहनों में तोड़फोड़ की गई। कुछ शरारती तत्वों द्वारा पुलिस पर गोलीबारी भी की गई। हमले की सूचना पर घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल के पहुंचने के बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका। पथराव में जैथरा के थाना प्रभारी इंद्रेश भदौरिया सहित छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना में एक स्थानीय व्यक्ति के भी घायल होने की खबर है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय मोहन शर्मा ने बुधवार को संवाददाताओं को बताया कि हालात फिलहाल नियंत्रण में है। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस और प्रांतीय सशस्त्र बल(पीएसी) के जवानों की तैनाती की गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस टीम पर हमला करने वालों की पहचान की जा रही है। उन्हें किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। सभी घायलों की हालत सामान्य है। courtsy- In.com

Kolkatta Police: safety tips by police for foreign: कोलकाता पुलिस बनेगी 'टूरिस्ट फ्रेंडली', देगी विदेशी पर्यटकों को सेफ्टी टिप्स.

KOLKATA: Alarmed by recent incidents of molestation and assault on foreign tourists in the city and other parts of the country, Kolkata police commissioner Surajit Kar Purakayastha has alerted every police station to be extra-vigilant at tourist spots and places where foreigners stay. Asking the police force to be 'tourist-friendly', Kolkata police has also issued security tips for foreign tourists. "Safety of foreign tourists is our major concern. Chief minister Mamata Banerjee wants the state to be 'tourist-friendly'. We, in fact, have a plan to introduce tourism police to guide and protect tourists," said tourism minister Krishnendu Narayan Chowdhury. The city police has clearly pronounced that it want the visit of each foreign tourists to this exciting city to be pleasant and safe. On an average, 15 lakh foreign tourists come to Kolkata and rest of the state every year. On the other hand, the state attracts 2.2 crore domestic tourists. On the other hand Mahrashtra and Tamil Nadu attracts almost the double fioreign tourists. According to tourism department officials, better promotion and over all perception of safety and security make all the difference. The city police were particularly alarmed by the molestation of French tourists and an alleged rape of an Irish tourist recently. The city police assured that there are adequate number police personnel are deployed across the city. After landing at city railway stations or the airport, foreigners should take prepaid taxis only. In this system a tourist pays in advance for Taxi Fare which is already approved by the government for each destination in Kolkata. According to the advisory, adequate policemen are deputed outside the arrival hall and parking area. "You can contact the nearest police officer to intimate about undesirable elements," it says. However, police is taking utmost care, vigilance and surveillance over these elements. Still it is felt that we can eliminate these elements effectively with passengers' active participation in the drive," the advisory says.Police officers in plainclothes are deputed to keep watch on suspicious people. "You should never entertain touts and unscrupulous persons to avoid harassment. "Be wary of unexpected visitors at your hotel room. Never open the door to unsolicited room service. Contact the front desk if you have any doubts", the advisory adds. It also says, "If you schedule a meeting with a potential client, research the company and the individual with whom you are meeting. Meet at a public place such as restaurant. Make sure your luggage is given to a hotel staff and a receipt is issued for stored luggage. Never leave luggage or other expensive items unattended at the airport or taxi stands. Pre-plan your sightseeing destinations in Kolkata. Never take advice from unknown persons. If any tourist faces any kind of harassmentor law and order problem in Kolkata, he or she can dial 100 or 1090 for help". courtsy- TOI.

Tuesday, August 20, 2013

Police Festival: पुलिस न्यूज़ के सभी पाठक पुलिस मित्रों को 'रक्षाबंधन' की शुभकामनाएं। जानिए मुहूर्त.

रक्षा बंधन का पर्व एक ऐसा पर्व है, जो धर्म और वर्ग के भेद से परे भाई-बहन के स्नेह की अटूट डोर का प्रतीक है। बहन द्वारा भाई को राखी बांधने से दोनों के मध्य विश्वास और प्रेम का जो रिश्ता बनता है, उसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता है। रक्षा बंधन की पर्व का सबसे खूबसूरत पहलू यही है कि यह पर्व धर्म ओर जाति के बंधनों को नहीं मानता। अपने इसी गुण के कारण आज इस पर्व की सराहना पूरी दुनिया में की जाती है। कोई भी कार्य शुभ समय में किया जाता है, तो उस कार्य की शुभता में वृ्द्धि होती है। भाई-बहन के रिश्ते को अटूट बनाने के लिये इस राखी बांधने का कार्य शुभ मुहूर्त समय में करना चाहिए। राखी बांधने का शुभ मुहूर्तः रक्षाबंधन 20-8-2013 को सुबह 10 बजकर 30 मिनट से दिन के 1 बजकर 30 मिनट के मध्य अपने भाइयों कि कलाई पर रक्षा सूत्र बांधे यह समय लाभ और अमृत की चौघड़िया का है शाम को 3 बजे से लेकर 4 बजकर 30 मिनट तक शुभ चौघडिया है। इस समय भी रक्षा सूत्र बांधे। कुछ लोग 21 अगस्त 2013 को रक्षा बंधन का पर्व मनाएंगे। उनके लिए मेरी राय है कि वे लोग बुधवार को सुबह 7 बजकर 26 मिनट के पहले सुबह भद्रा मुक्त समय में भाइयों की कलाई पर राखी बांधे। 21 तारीख की सुबह 7 बजकर 26 मिनट तक पूर्णिमा तिथि रहेगी। अर्थात 21 को सुबह 7 बजकर 26 के पहले त्योहार मनाये। गणेशआपा वाराणसी पंचांगानुसार, अन्य पंचांग के अनुसार विभिन्न शहरो के समय में 5 से 7 मिनट का अंतर हो सकता है। इस कारण यह समय घट और बढ़ सकता है। अगर किसी व्यक्ति को परिस्थितिवश भद्रा-काल में ही रक्षा बंधन का कार्य करना हों, तो भद्रा मुख को छोड़कर भद्रा-पुच्छ काल में रक्षा बंधन का कार्य करना शुभ रहता है। शास्त्रों के अनुसार में भद्रा के पुच्छ काल में कार्य करने से कार्यसिद्धि और विजय प्राप्त होती है। परन्तु भद्रा के पुच्छ काल समय का प्रयोग शुभ कार्यों के के लिये विशेष परिस्थितियों में ही किया जाना चाहिए। ऐसे मनाया जाता है रक्षाबंधन पर्व प्रात: स्नानादि से निवृत्त होकर लड़कियां और महिलाएं पूजा की थाली सजाती हैं। थाली में राखी के साथ रोली या हल्दी, चावल, दीपक और मिठाई होते हैं। लड़के और पुरुष स्नानादि कर पूजा या किसी उपयुक्त स्थान पर बैठते हैं। उन्हें रोली या हल्दी से टीका कर चावल को टीके पर लगाया जाता है और सिर पर छिड़का जाता है, उनकी आरती उतारी जाती है और तब दाहिनी कलाई पर राखी बांधी जाती है। भाई बहन को उपहार या धन देता है। रक्षाबंधन का अनुष्ठान पूरा होने के बाद ही भोजन किया जाता है। यह पर्व भारतीय समाज में इतनी व्यापकता और गहराई से समाया हुआ है कि इसका सामाजिक महत्व तो है ही, धर्म, पुराण, इतिहास, साहित्य और फिल्में भी इससे अछूते नहीं हैं। पौराणिक मान्यताओं में भद्रा सूर्य पुत्री यानी शनि की बहन है किसी शुभ या मंगल कार्य को शुरू करने से पहले पंचांग में भद्रा या विष्टि योग भी देखा जाता है। यह तिथि के आधे भाग करण का ही एक नाम है। वहीं पौराणिक मान्यताओं में भद्रा सूर्य पुत्री यानी शनि की बहन है। जिसके क्रूर स्वभाव पर काबू पाने के लिए ब्रह्मदेव की कृपा से उसे करण में विष्टि नाम से स्थान दिया गया। इसे अशुभ घड़ी भी माना जाता है। भद्रा योग के दौरान कार्य विशेष शुभ नहीं माने जाते। जिनमें यात्रा, कारोबार, कृषि, मांगलिक कार्य आदि प्रमुख है। वहीं तंत्र, अदालती कार्य या राजनीति सफल होती है। धार्मिक व ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक भद्रा तीन लोकों में घूमने के दौरान जब पृथ्वी पर होती है तो इस स्थिति में अमंगल करती है। भू-लोक में होने की पहचान चंद्रमा के कर्क, सिंह, कुंभ या मीन राशि में होने के द्वारा की जाती है। इसे विष्टिकरण योग भी कहा जाता है। रक्षाबंधन या होलिका दहन के वक्त इस पर विशेष रूप से गौर किया जाता है। भद्रा 5 घड़ी मुख में, 2 घड़ी कंड में, 11 घड़ी हृदय में, 5 घड़ी नाभि में, 5 घड़ी कटि में और 3 घड़ी पुच्छ में स्थिर रहती है। जब भद्रा मुख में रहती है तब कार्य का नाश होता है। कंड में धन का नाश, हृदय में प्राण का नाश, नाभि में कहल, कटि में अर्थ-भंश होता है तथा पुच्छ में विजय तथा कार्य सिद्धि हो जाती है। शनि की सगी बहन है भद्रा भद्रा भगवान सूर्य का कन्या है। सूर्य की पत्नी छाया से उत्पन्न है और शनि की सगी बहन है। यह काले वर्ण, लंबे केश, बड़े-बड़े दांत तथा भयंकर रूप वाली है। सूर्य भगवान से सोचा इसका विवाह किसके साथ किया जाए। प्रचा के दु:ख को देखकर ब्रह्माजी ने भी सूर्य के पास जाकर उनकी कन्या द्वारा किये गये दुष्कर्मो को बतलाया। यह सुनकर सूर्य ने कहा आप इस विश्व के कर्ता तथा भर्ता हैं, फिर आप कहें। ब्रह्माजी ने विष्टि को बुलाकर कहा- भद्रे! बव, बालव, कौलव आदि करणों के अंत में तुम निवास करो और जो व्यक्ति यात्रा, प्रवेश, मांगल्य कृत्य, रेवती, व्यापार, उद्योग आदि कार्य तुम्हारे समय में करे, उन्हीं में तुम विघ्न करो। तीन दिन तक किसी प्रकार की बाधा न डालो। चौथे दिन के आधे भाग में देवता और असुर तुम्हारी पूजा करेंगे। जो तुम्हारा आदर न करे, उनका कार्य तुम ध्वस्त कर देना। इस प्रकार से भद्रा की उत्पत्ति हुई। अत: मांगलिक कार्यो में अवश्य त्याग करना चाहिए। रक्षा बंधन से जुड़ी कहानी: भगवान विष्णु वामन रूप धारण करके राजा बली के पास आये। उन्होने राजा बली से तीन पग भूमि माँग कर धरती ,आकाश , पाताल को दो पग में ही नाप लिया और तीसरा पग राजा बली के ऊपर रखा और राजा बली से कुछ माँगने के लिये कहा। तो राजा बली ने भगवान् विष्णु से कहा कि आप मेरे यहाँ (पाताल में ) चार मास तक पहरेदार बन कर रहोगे , ऐसा वरदान दीजिये। तब से ही भगवान् विष्णु लक्ष्मी जी को स्वर्ग में ही छोड कर वर्ष में चार मास तक पहरेदार के रूप में रहने लगे। रक्षा बंधन के दिन लक्ष्मी जी राखी लेकर पाताल में गयी। राजा बली को भाई बना कर राखी बांधी। बली ने लक्ष्मी को भेंट के रूप हीरे - मोती देने चाहे तो लक्ष्मी ने कहा कि मुझे भेंट के रूप में हीरे मोती के बजाय मेरे पति को मुझे दे दो। बली ने लक्ष्मी की बात मान कर भगवान विष्णु लौटा दिया। लक्ष्मी विष्णु को अपने साथ लेकर चली गयी।

Wednesday, August 7, 2013

Rajasthan Police: Jaiselmer: the full story of transfer of jaiselmer SP transfer: जैसलमेर के 'दबंग' 'सिंघम' एसपी पंकज चौधरी के ट्रॉन्सफर के पीछे की पूरी कहानी पढ़े.

जयपुर। उत्तर प्रदेश की समाजवादी सरकार ने रेत माफिया के लिये आईएएस दुर्गा शक्‍ित नागपाल को सस्‍पेंड कर दिया। घोटालों से घिरी यूपीए सरकार की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने मौका देखकर सपा पर हमला बोल दिया, लेकिन उनकी पार्टी के शासन वाले राजस्‍थान में क्‍या हो रहा है, ये उन्‍हें दिखाई नहीं दिया। कांग्रेस ने तो सपा से भी दो कदम आगे निलकर एक ऐसे हिस्‍ट्रीशीटर के लिये आईपीएस पंकज चौधरी का तबादला कर दिया, जिस पर पाकिस्‍तान के साथ मिलकर घुसपैठ कराने से लेकर अनगिनत संगीन आरोप हैं। धर्मनिरपेक्षता के नाम पर वोटों की फसल काटने वाली राजस्‍थान अशोक गहलौत सरकार न केवल दुश्‍मन देश से रिश्‍ते रखने वाले गाजी फकीर और उनके विधायक बेटे को बचा रही है बल्कि ऐसे संगीन आरोपों से घिरे लोगों के लिये एक ईमानदार आईपीएस अफसर पर गाज भी गिरा रही है। कांग्रेसी नेता के पेट्रोल पंप से पाकिस्‍तानी जासूस गिरफ्तार क्या कांग्रेसी नेता गाजी फकीर का परिवार संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त है? क्या गाजी फकीर का परिवार आपराधिक मामलों में शामिल रहा है? क्या गाजी फकीर के परिवार के खिलाफ पुलिस के पास सबूत हैं? जैसलमेर के एसपी पंकज चौधरी की मानें तो इन सवालों का जवाब है...हां! और इसीलिए गाजी फकीर की बंद पड़ी हिस्ट्रीशीट फिर खोली गई है। जैसलमेर के एसपी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि गाजी फकीर का परिवार आपराधिक मामलों में लिप्त रहा है। देश से बाहर यानी पाकिस्‍तान बार-बार जाना सवाल खड़े करता है। एसपी पंकज चौधरी ने ये साफ कहा कि पूरे गाजी फकीर परिवार के खिलाफ उनके पास सबूत हैं। एसपी पंकज चौधरी ने एक और खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 24 फरवरी 2012 को एक पाकिस्तानी जासूस सुमेर खान को विधायक सालेह मोहम्मद के पेट्रोल पंप से पकड़ा गया था। सालेह मोहम्मद गाजी फकीर के बेटे हैं और विधायक हैं। आरोपी पाकिस्तानी जासूस शालेह मोहम्मद के पेट्रोल पंप पर काम करता था। एसपी के मुताबिक पाकिस्तानी जासूस सुमेर खान ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की पोखरण यात्रा में वायुसेना के ऑपरेशन आयरन फिस्ट की खुफिया जानकारी पाकिस्तान को भेजी थी। गाजी के परिवार ने जाएगा हाईकोर्ट एसपी पंकज चौधरी के मुताबिक साल 2011 में कांग्रेसी नेता गाजी फकीर की हिस्ट्रीशीट बंद करने के लिए जो तर्क दिए गए थे, वो सही नहीं थे। पंकज चौधरी के मुताबिक जो आधार बताए गए थे, उनपर हिस्ट्रीशीट को बंद नहीं किया जा सकता। उन्होंने ये भी बताया कि तब एसपी ऑफिस की टिप्पणी में भी गाजी फकीर की हिस्ट्रीशीट को बंद न करने की बात थी लेकिन आनन-फानन में गाजी फकीर की हिस्ट्रीशीट बंद कर दी गई। पंकज चौधरी कहते हैं कि 2011 में गाजी की हिस्ट्रीशीट बंद करने का कोई आधार नहीं था, फिर सरकार का आदेश भी था। मैंने देखा तो ओपन कर दी। वहीं गाजी फकीर के बेटे और पोखरण से कांग्रेस विधायक सालेह मोहम्मद अपने पिता की हिस्ट्रीशीट खोले जाने के खिलाफ हाईकोर्ट जाने की बात कह चुके हैं। अब उनका आरोप है कि विपक्षी साजिश के तहत उन्हें और उनके परिवार को बदनाम किया जा रहा है। पाक से जुड़े हैं गाजी परिवार के तार सूत्रों अनुसार गाजी फकीर और उनके परिवार पर पाकिस्‍तान के साथ साठगांठ के आरोप हैं। स्‍थानीय लोगों की मानें तो गाजी फकीर परिवार का पाक से सटे इलाकों में पूरा रुतबा है। उन पर पाक से घुसपैठ, तस्‍करी समेत कई संगीन आरोप हैं। एसपी पंकज चौधरी ने भी गाजी परिवार के खिलाफ सबूत होने का दावा किया है, लेकिन वोटों की खातिर कांग्रेस सरकार आंख मूंदकर बैठी हुई है। क्‍या सचमुच कोई इतना गिर सकता है। पाकिस्तान सीमा से सटे जैसलमेर में रहने वाले 80 साल के गाजी फकीर पर स्मगलिंग और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल रहने का आरोप है। आरोपों के मुताबिक, गाजी फकीर पाकिस्तान से अवैध तरीके से आने वाले लोगों को संरक्षण देते हैं और उन्हें बॉर्डर पार कराने में मदद करते हैं। इसके अलावा उनपर तस्करी, अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त जैसे कई अवैध धंधों में लिप्त रहने का भी आरोप है। हिस्‍ट्रीशीट खोलने के 48 घंटे के अंदर ट्रांसफर जैसलमेर के पूर्व एसपी पंकज चौधरी के मुताबिक उन्‍होंने क्षेत्र के प्रभावशाली कांग्रेसी नेता गाजी फकीर की हिस्ट्रीशीट को ओपन किया था। चौधरी ने मीडिया से कहा कि आप कह सकते हैं कि हिस्ट्रीशीट ओपन करने के 48 घंटों के अंदर ही मेरा ट्रांसफर हुआ। आप इसे जोड़ भी सकते हैं। मेरा ये मानना है कि ये सरकार का आदेश है। ये आदेश कभी भी आ सकता है। किसी भी टाइम से जोड़ने का मतलब नहीं है। माना जाता है कि गाजी फकीर के एक इशारे पर पाक से लगने वाली सीमा से सटी 12 विधानसभा सीटों का भाग्‍य तय होता है। राजस्‍थान में जल्‍द विधानसभा चुनाव आने वाले हैं और लोकसभा चुनाव भी सिर पर हैं, ऐसे में गहलौत सरकार गाजी फकीर को नाराज करने का जोखिम कैसे ले सकती थी। ध्‍यान रहे कि जैसलमेर के एसपी ने पोखरण से कांग्रेसी विधायक सालेह मोहम्मद, जैसलमेर के जिला प्रमुख अबदुल्ला फकीर के पिता और बुजुर्ग कांग्रेसी नेता गाजी फकीर के खिलाफ बंद अपराधों की फाइल खोली थी। पंकज चौधरी के ट्रांसफर से एक दिन पहले ही जैसलमेर पुलिस ने विधायक सालेह मोहम्मद के खिलाफ पुलिसकर्मी के साथ मारपीट के मामले में केस दर्ज किया था। जिसने फाइल खोली, वो गया 84 साल के गाजी फकीर और उनके परिवार का दबदबा क्षेत्र में किस कदर है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जब-जब किसी अफसर ने उनकी हिस्ट्रीशाट खोलनी चाही, उसका तबादला हो गया। गाजी फकीर की हिस्ट्रीशीट सबसे पहले जुलाई 1965 में खोली गई थी, लेकिन 1984 में गाजी फकीर की हिस्ट्रीशीट गायब कर दी गई। जुलाई 1990 को तत्कालीन एसपी सुधीर प्रताप सिंह ने फकीर की हिस्ट्रीशीट दोबारा खोली। इसके महज 28 दिन बाद ही उनका तबादला कर दिया गया। 21 साल बाद मई 2011 में कार्यवाहक एसपी गणपत लाल ने फकीर की हिस्ट्रीशीट बंद कर दी, जबकि नियमों के मुताबिक एसपी ही किसी हिस्ट्रीशीट को बंद करने का अधिकार रखता है। साभार- इन डाट कॉम हिन्दी.