Wednesday, January 18, 2012

Jharkhand Police: Bokaro: डीआईजी साहब का फरमान, इलाके में कोयला, लोहा का अवैध कारोबार हुआ तो होगी डिपार्टमेंटल इंक्वॉरी..

बोकारो : धनबाद व बोकारो में अवैध लोहा व कोयला कारोबार किसी कीमत पर बरदाश्त नहीं किया जायेगा. जहां भी अवैध कारोबार पकड़े जायेंगे, संबंधित क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों के खिलाफ़ विभागीय कार्रवाई होगी. उक्त बातें डीआइजी लक्ष्मण प्रसाद सिंह ने सेक्टर चार स्थित कार्यालय में पुलिस अधिकारियों से कही. उन्होंने कहा कि दोनों जिले में अवैध कारोबार न के बराबर है. बावजूद इसके पुलिस को शून्य की स्थिति लानी है. पुलिस, प्रेस व पब्लिक के आपसी रिश्ते में सुधार होने पर स्वत अपराध पर काबू पाया जा सकता है. धनबाद व बोकारो के आये अधिकारी : बैठक में धनबाद के एसपी रविकांत धान व बोकारो के एसपी कुलदीप द्विवेदी के साथ दोनों जिलों के डीएसपी व इंस्पेक्टर स्तर के पदाधिकारी मौजूद थे. शहरी क्षेत्र में टाइगर मोबाइल की सक्रियता जरूरी : टाइगर मोबाइल पुलिस को अगर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाये तो शहर में घटना को अंजाम देने वाले अपराधी बच नहीं सकेंगे. इसलिए टाइगर मोबाइल को और अधिक सक्रिय करने की जरूरत है. आम जनता से जुड़ी पासपोर्ट जांच व अन्य कागजी जांच के मामलों का एक सप्ताह के भीतर निपटारा करने का निर्देश डीआइजी ने दिया. कोयला व लोहा चोरी के मामले में डीआइजी ने पुलिस अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा की दोनों जिले में पूरी तरह से इस आर्थिक अपराध को खत्म करना है. किसी भी थाना क्षेत्र में अगर कोयला या लोहा तस्करी से संबंधित अपराध होने की सूचना मिली तो वहां के थानेदार पर कठोर कार्यवाही की जायेगी. आम लोगों की सूचना पर हो त्वरित कार्रवाई : पुराने लंबित पड़े मामलों का निष्पादन भी एक माह के भीतर करने का निर्देश बैठक में दिया गया. आगामी एक माह में अगर लंबित मामलों का निपटारा नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारी पर भी कार्यवाही की जायेगी. डीआइजी ने पुलिस अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि आम लोगों के फोन कॉल व सूचना पर त्वरित कार्यवाही करें. आम लोगों की सूचना को गंभीरता से नहीं लेने पर संबंधित पुलिस अधिकारी पर कार्यवाही तय है.

Bihar Police: Bhagalpur: पुलिस का शीतलहर ने जीना मुहाल, जवान फटे-चिटे पन्नी टांग कर रहते हैं...

भागलपुर : बरारी थाने की पुलिस का शीतलहर ने जीना मुहाल कर रखा है. वे किसी तरह शीतलहर से बचने के लिए खुद की सुरक्षा में लगे हुए हैं. उनकी रात थाने के बरामदे पर फटे-चिटे प्लास्टिक टांग के नीचे कटती है. बदहाली में जी रहे इन सुरक्षाकर्मियों से उनकी समस्या जानना चाहा, तो उन्होंने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया. समस्या बताने में हो सकता है उन्हें वरीय अधिकारियों का डर सता रहा हो. लेकिन इस ठंड में उनकी स्थिति समझी जा सकती है. टूटी छत, रिसती हैं ओस की बूंदेंएस्बेस्टस की छत जगह-जगह से टूटी है. इससे सर्द भरी हवा व ओस की बूंदे नीचे टपकती रहती हैं. बचने के लिए जवानों ने बिस्तर के ऊपर प्लास्टिक टांग लिया है. बरामदा भी घिरा नहीं है. जवान फटे-चिटे पन्नी टांग कर रहते हैं. कीचन के भी लालेथाने में किचन भी नहीं है. इस कारण से खुले में खाना बनाना मजबूरी है. बरामदे पर किचन का सारा सामान रखने की मजबूरी है. उस पर चूहों का आतंक. कपड़े व वरदी सुखाने के लिए भी जगह नहीं हैं.कोई ठोस व्यवस्था नहीं है. शौचालय की भी व्यवस्था बदतर है. सिर्फ सप्लाई पानी की व्यवस्था है. जो सीमित समय में आती है. पानी की भी घोर समस्या है. जगह नहीं होने के कारण जहां-तहां दस्तावेज रखे हुए हैं. चहारदीवारी न होने के कारण मवेशी अंदर घुस आते हैं.

Jharkhand Police: Ramgarh: 70 प्रतिशत पुलिस अफ़सरों का वेतन रुका, कांड लंबित रहने के कारण एसपी ने की कार्रवाई..

रामगढ़ : रामगढ़ जिले के विभिन्न थाना व ओपी में तैनात 70 प्रतिशत पुलिस पदाधिकारियों का वेतन जिले के एसपी ने रोक दी है. दिसंबर माह का वेतन रोकने संबंधी निर्देश न्यायालय में जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किये जाने के कारण दी गयी है. इस संबंध में रामगढ़ एसपी अनीश गुप्ता ने भी इस बात की पुष्टी की और कहा कि निर्धारित अवधि में काम नहीं किये जाने के कारण कार्रवाई की गयी है. इस कार्रवाई से जिले के दर्जनों अधिकारी प्रभावित हुए हैं. शायद ही जिले का कोई थाना है जहां कोई न कोई पदाधिकारी इस निर्देश से प्रभावित नहीं हुआ हो. हालांकि दूसरी तरफ पुलिस पदाधिकारियों का कहना है कि कुछ मामलों में तो अनुसंधान का आदेश प्राप्त नहीं होने के कारण विलंब हुआ है. जबकि ऐसे मामले को भी निष्पादित दर्शाया गया है. इसके अलावा कुछ मामलों में जांच प्रतिवेदन न्यायालय में समर्पित है. फिर भी त्रुटि बस विलंब सूची में कांड नाम अंकित हो गया है. फिलहाल जिले के पदाधिकारी न्यायालयों का खूब चक्कर लगा रहे हैं और वारंट निकालने व डायरी बढ़ाने के साथ-साथ सूची में सुधार कराने में जुटे हैं.

WB Police: Kolkata: बागमुंडी में पुलिस बैरक का उदघाटन, केंद्रीय बलों के साथ-साथ राज्य पुलिस की संख्या बढ़ायी

आद्रा : पुरुलिया जिले के जंगल महल व माओवादी प्रभावित थाना बागमुंडी में शनिवार को पुलिस बैरक का उद्घाटन किया गया. इसका उद्घाटन आइजी पश्चिमांचल गंगेश्वर सिंह ने किया. इस दौरान जिला पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार चौधरी सहित जिला के आला पुलिस अधिकारी उपस्थित थे.
जिला पुलिस अधीक्षक ने कहा कि माओवादी प्रभावित थानों में केंद्रीय बलों के साथ-साथ राज्य पुलिस की संख्या बढ़ायी जा रही है. इसी क्रम में बागमुंडी थाना परिसर में 50 बेड वाली बैरक का निर्माण किया गया है.

Police Awards: Tripura Police: Agartala: त्रिपुरा पुलिस को मिलेगा राष्ट्रपति ध्वज, तीन दशक से जारी उग्रवाद से निबटने में कामयाबी के लिए मिलेगा अनोखा सम्मान...

अगरतला : उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी मानवाधिकार का सम्मान करने और त्रिपुरा में तीन दशक से जारी उग्रवाद से निबटने में काययाबी के लिए राज्य पुलिस को ‘‘ राष्ट्रपति ध्वज ’’ प्रदान करेंगे.
डीआईजी पुलिस नियंत्रण नेपाल दास ने बताया कि अंसारी गुरूवार को आयोजित विशेष समारोह में त्रिपुरा पुलिस को पदक प्रदान करेंगे. राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने इस सम्मान के लिए अप्रैल महीने में मंजूरी दी थी. त्रिपुरा देश का चौथा प्रदेश है जिसे यह सम्मान मिल रहा है. इसके पहले जम्मू कश्मीर, पंजाब और तमिलनाडु को यह सम्मान मिल चुका है. उपराष्ट्रपति कल यहां पहुंचेंगे और 12 जनवरी को त्रिपुरा सेटल यूनिवर्सिटी के नौवें दीक्षांत समारोह में भी भाग लेंगे. इस समारोह में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना को डी लिट की मानद उपाधि प्रदान की जाएगी.

Sunday, January 15, 2012

MP Police: Bhopal: एमपी पुलिस को मिला देश का बेस्ट साइबर कॉप आफ इंडिया का अवार्ड, राज्य साइबर पुलिस के उपकरणों से सुसज्जित भवन भी बनकर होगा तैयार..

भोपाल। मध्य प्रदेश की साइबर पुलिस ने वर्ष 2011-12 में 23 मामलों में 32 लोगों को गिरफ्तार किया है। गृह विभाग के सूत्रों के अनुसार इस वर्ष 63 मामलों में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की गई। प्रदेश में बढ़ते हुए सूचना प्रौद्योगिकी आधारित अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं विवेचना के लिए भोपाल में साइबर पुलिस का गठन किया गया है, जिसका कार्य-क्षेत्र संपूर्ण मध्य प्रदेश है। राज्य साइबर पुलिस में विभिन्न जिलों की सूचना प्रौद्योगिकी आधारित शिकायतों को पंजीबद्ध कर उनकी जांच की जाती है। राज्य सायबर पुलिस को वर्ष 2011-12 में कुल 1326 शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इनमें से 63 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई। वर्ष 2011 में चर्चित रहे कोटक महिंद्रा बैंक फ्रांड प्रकरण में 17 लाख रुपए की धोखाधड़ी में शामिल 3 आरोपियों को 72 घंटों में गिरफ्तार कर पूरी राशि बरामद कर ली गई। सूत्रों के अनुसार वर्ष 2011 में राज्य सायबर पुलिस को सूचना प्रौद्योगिकी आधारित अपराधों की प्रभावी विवेचना करने पर देश का बेस्ट साइबर काप आफ इंडिया का अवार्ड दिया गया। राज्य साइबर पुलिस द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी आधारित अपराधों से जन-सामान्य को जागरूक करने व अपनी समस्याएं सीधे पुलिस तक पहुंचाने के लिए वेबपोर्टल की शुरुआत की जा रही है। इससे निकट भविष्य में जन-सामान्य सीधे अपनी शिकायतें दर्ज करवाने के साथ ही जरूरी सूचनाएं भी पुलिस को दे सकेंगे। साइबर पुलिस द्वारा प्रदेश में विभिन्न जिलों के थानों में दर्ज प्रकरणों में जिला पुलिस बल को सहायता देने के साथ ही उन्हें प्रशिक्षित भी किया जा रहा है। राज्य साइबर पुलिस के उपकरणों से सुसज्जित भवन का निर्माण भी पूर्णता की ओर है।

Police Policy: MP Police: Bhopal: ‘खाकी’ की छवि सुधारने के लिये मध्यप्रदेश पुलिस ने मुंबई के टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान (टीआईएसएस) के साथ किया समझौता, चुनौतियों और दबावों से घिरे पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे..

तमाम चुनौतियों और दबावों से घिरे पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित करते हुए ‘खाकी’ की आम छवि सुधारने के लिये मध्यप्रदेश पुलिस ने टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान (टीआईएसएस) के साथ एक समझौते (एमओयू) पर दस्तखत किये. इस मौके पर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक एसके राउत और टीआईएसएस की सहायक प्रोफेसर शमीम खान मौजूद थीं. दोनों पक्षों के एमओयू पर दस्तखत करने की रस्म से पहले एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राउत ने कहा, ‘पुलिस उतनी बुरी नहीं है, जितनी बुरी वह आम चश्मे से दिखायी देती है. लेकिन यह सच है कि कुछ क्षेत्रों में पुलिस को सुधार की जरूरत है.’ शमीम ने एमओयू के बारे में जानकारी दी और बताया कि टीआईएसएस प्रदेश के पुलिस कर्मियों को मानव अधिकार, बाल अधिकार और घरेलू हिंसा समेत अलग-अलग विषयों पर प्रशिक्षित करेगा. उन्होंने बताया कि प्रदेश के पुलिस कर्मियों को इस महत्वपूर्ण पहलू पर भी प्रशिक्षण दिया जायेगा कि आम जनता के साथ उनका बर्ताव कैसा होना चाहिये.